Election Commission Gets Complaints Over PM's Speech

More than 700 people have complained to the Election Commission about the Prime Minister's recent speech. This is a large number of complaints about a political speech.

नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया राष्ट्र के नाम संबोधन को लेकर चुनाव आयोग में शिकायतें दर्ज की गई हैं। करीब 700 से अधिक नागरिकों, जिनमें पूर्व नौकरशाह, शिक्षाविद, वकील, सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार शामिल हैं, ने आरोप लगाया है कि यह संबोधन आदर्श आचार संहिता (MCC) का उल्लंघन है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि दूरदर्शन, संसद टीवी और ऑल इंडिया रेडियो जैसे सरकारी प्लेटफॉर्म्स का उपयोग, जो सार्वजनिक धन से संचालित होते हैं, चुनावी प्रचार के लिए किया गया, जिससे सत्तारूढ़ दल को अनुचित लाभ मिला। यह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के मूल सिद्धांत के विरुद्ध है।

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चुनाव आयोग अब इस मामले की जांच करेगा। वामपंथी दलों, जिनमें मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) शामिल हैं, ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर यह शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों को निशाना बनाया और महिला आरक्षण विधेयक के पारित न होने पर उनकी आलोचना की, जो चुनावी माहौल में पक्षपातपूर्ण प्रचार की श्रेणी में आता है।

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  • आदर्श आचार संहिता के तहत, चुनाव के दौरान कोई भी मंत्री अपने आधिकारिक पद का उपयोग राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं कर सकता।

  • सरकारी मशीनरी या मीडिया का उपयोग किसी एक पार्टी के फायदे के लिए करना पूरी तरह वर्जित है।

  • शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि यदि यह संबोधन चुनाव आयोग की पूर्व अनुमति के बिना प्रसारित किया गया था, तो इसे सभी आधिकारिक रिकॉर्ड, सरकारी वेबसाइटों और मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटाया जाए और जिम्मेदार पक्षों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

  • यह भी मांग की गई है कि यदि प्रसारण की अनुमति दी गई थी, तो अन्य राजनीतिक दलों को भी सार्वजनिक प्रसारकों पर समान समय दिया जाना चाहिए।

प्रमुख हस्ताक्षरकर्ता

शिकायत पर हस्ताक्षर करने वालों में पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, राजनीतिक अर्थशास्त्री पी. प्रभाकर, कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, अर्थशास्त्री जयति घोष, संगीतकार-लेखक टी एम कृष्णा, पूर्व केंद्रीय सचिव ई ए एस शर्मा, कार्यकर्ता हर्ष मंदर, पत्रकार परंजॉय गुहा ठाकुरता, शिक्षाविद जय़ा हसन और पूर्व राजदूत मधु भादुड़ी जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष की 'आतंकवादी' टिप्पणी पर भाजपा की शिकायत

एक अलग घटनाक्रम में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई 'आतंकवादी' टिप्पणी को लेकर चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। भाजपा का आरोप है कि यह बयान आदर्श आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस शिकायत की जानकारी देते हुए कहा कि यह बयान न केवल अपमानजनक है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर एक खतरनाक हमला है। भाजपा ने खरगे से सार्वजनिक माफी मांगने और बयान वापस लेने की मांग की है, साथ ही कानूनी कार्रवाई की भी मांग की है।

  • मल्लिकार्जुन खरगे ने तमिलनाडु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह टिप्पणी की थी, हालांकि बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनका मतलब था कि प्रधानमंत्री केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग करके राजनीतिक विरोधियों को "आतंकित" करते हैं।

  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस टिप्पणी की कड़ी निंदा की और कहा कि यह भारत के प्रधानमंत्री का अपमान है।

पृष्ठभूमि: आदर्श आचार संहिता और चुनाव प्रचार

आदर्श आचार संहिता चुनाव की घोषणा के साथ लागू हो जाती है और चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने तक प्रभावी रहती है। इसका उद्देश्य चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और बिना किसी अनुचित प्रभाव के संपन्न कराना है। मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों के लिए यह आवश्यक है कि वे चुनाव प्रचार के दौरान अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग न करें और न ही सरकारी संसाधनों का उपयोग करें। प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन की प्रकृति और समय को लेकर उठाया गया यह मुद्दा चुनाव आयोग के समक्ष लंबित है, जो इन शिकायतों पर जांच और कार्रवाई करेगा।

Frequently Asked Questions

Q: Why did over 700 people complain to the Election Commission about the Prime Minister's speech?
The complainants, including former officials and activists, said the speech broke the Model Code of Conduct by using government platforms like Doordarshan for political campaigning, which they believe gave the ruling party an unfair advantage.
Q: What did the complaint say about the Prime Minister's speech?
The complaint, also supported by left-wing parties, stated that the Prime Minister targeted opposition parties and criticized them for not passing the women's reservation bill, calling it biased campaigning during the election period.
Q: What are the rules about using government media during elections?
Under the Model Code of Conduct, ministers cannot use their official positions for political promotion during elections, and using government machinery or media for the benefit of one party is forbidden.
Q: What do the complainants want the Election Commission to do?
They have asked the Election Commission to remove the speech from all official records and platforms if it was broadcast without prior permission, and to take strict action against those responsible. They also want equal airtime for other parties if permission was granted.
Q: What is the Election Commission's next step?
The Election Commission will now investigate these complaints to determine if the Model Code of Conduct was violated and decide on appropriate action.
Q: What was the BJP's complaint against Congress President Mallikarjun Kharge?
The BJP complained to the Election Commission about Kharge's 'terrorist' remark against PM Modi, calling it a violation of the Model Code of Conduct and an attack on democratic institutions. Kharge later clarified he meant the PM 'terrorizes' opponents using central agencies.